जब एमएस धोनी की फुर्ती ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भारत को दिलाई थी 1 रन से रोमांचक जीत


भारतीय खिलाड़ी जश्न मनाते हुए (AFP)भारतीय खिलाड़ी जश्न मनाते हुए (AFP)

टेस्ट और वनडे क्रिकेट के युग में, T20 इंटरनेशनल फॉर्मेट की शुरुआत एक क्रांतिकारी कदम था। द्विपक्षीय T20 सीरीज़ रोमांच से भरपूर होती हैं, लेकिन T20 विश्व कप सबसे बड़ा रोमांच है, जो फ़ैंस को हर दो साल में होने वाले अगले रोमांचक मुकाबले के लिए बेताब रखता है।

शुरुआती दबदबे से लेकर आखिरी ओवर के रोमांचक मुकाबले तक, इस टूर्नामेंट ने पिछले कुछ वर्षों में कई अविश्वसनीय मुकाबले पेश किए हैं। लेकिन 2016 के संस्करण ने इसे एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया, जब भारत-बांग्लादेश के बीच हुए ऐतिहासिक मुकाबले में दर्शकों की सांसें थम गईं और वे रोमांच से भरपूर थे।

क्रिकेट जगत ने पड़ोसी देशों के बीच एक रोमांचक मुकाबला देखा, लेकिन एमएस धोनी की आखिरी क्षणों में की गई स्टंपिंग ने मैच का रुख बदल दिया। आइए इस मैच पर एक नजर डालते हैं।

T20 विश्व कप का हर मैच बेहद रोमांचक होता है और हर मैच देखने लायक होता है। पहले संस्करण से लेकर नवीनतम टूर्नामेंट तक, फ़ैंस ने अविस्मरणीय क्षण और असाधारण प्रदर्शन देखे हैं। इन मुकाबलों में रोमांच चरम पर था और प्रशंसकों ने रोमांच से भरपूर खेल का लुत्फ़ उठाया।

2016 के T20 विश्व कप में भारत-बांग्लादेश मैच में अप्रत्याशित रोमांच देखने को मिला। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारतीय बल्लेबाज़ बांग्लादेशी गेंदबाज़ों के सामने संघर्ष करते नजर आए। रोहित शर्मा और शिखर धवन के लगातार आउट होने के बाद, अन्य भारतीय बल्लेबाज़ वापसी करने में नाकाम रहे और अपनी पहली पारी 146 रनों पर समाप्त की।

लक्ष्य का पीछा करते हुए टाइगर्स को शुरुआती झटका लगा और वे सिर्फ 1 रन ही बना पाए। इसके बाद तमीम इक़बाल और सब्बीर रहमान ने एक महत्वपूर्ण साझेदारी की। भारतीय गेंदबाज़ों ने जब अपनी पकड़ मजबूत की तो 19वें ओवर के अंत तक 136/6 के स्कोर पर उनकी स्थिति मज़बूत हो गई थी।

धोनी की फुर्ती ने रोमांचक मुकाबले का निर्णायक क्षण बनाया

आखिरी ओवर में बांग्लादेश को आखिरी छह गेंदों में 11 रनों की जरूरत थी और भारतीय टीम 10 रनों का बचाव करने के लिए पूरी ताकत से जुटी थी। महमदुल्लाह और मुश्फ़िक़ुर रहीम के मैदान पर होने के कारण धोनी ने इस रोमांचक मुकाबले में हार्दिक पंड्या पर भरोसा जताया और पूरी दुनिया ने एक नाटकीय दृश्य देखा।

ओवर की शुरुआत एक रन से हुई, जिसके बाद मुश्फ़िक़ुर ने लगातार दो चौके लगाकर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। अगली तीन गेंदों में ऐतिहासिक जीत के लिए उन्हें सिर्फ दो रन चाहिए थे, लेकिन पंड्या ने शानदार वापसी की। लगातार दो गेंदों पर उन्होंने मुश्फ़िक़ुर रहीम और महमदुल्लाह को पवेलियन भेज दिया।

मैच का रुख पूरी तरह से बदल गया और दबाव टाइगर्स पर आ गया। आखिरी गेंद पर उन्हें दो रन चाहिए थे, लेकिन उन्हें सबसे बड़ा झटका लगा। हार्दिक ने गेंद शुवागता होम को फेंकी और वह शॉट नहीं खेल सके और धोनी ने तेज़ी से दौड़ते हुए स्टम्प्स बिखेर दिए, इसके बाद तीसरे अंपायर द्वारा रन की जाँच के बाद बल्लेबाज़ को आउट घोषित कर दिया गया। इस तरह यह मैच माही के फुर्तीले अंदाज़ से भारत ने 1 रन से अपने नाम किया।

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Raju Suthar

Raju Suthar

Author ∙ Dec 23 2025, 2:52 PM | 3 Min Read
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