रोज़ाना 14 किलोमीटर साइकिल चलाकर स्टेडियम पहुंचने से लेकर 14 करोड़ रुपये के IPL सौदे तक का सफ़र- प्रशांत वीर की फ़िल्मी कहानी
प्रशांत वीर (स्रोत: @IBeingManas/x.com)
एक कहावत है, " अगर आप किसी चीज़ को दिल से चाहते हैं, तो वह आप तक पहुँचने के लिए सात आसमान भी पार कर जाएगी।" कुछ लोगों के लिए यह महज़ एक मिथक हो सकता है, लेकिन जब कड़ी मेहनत और दिली इच्छा एक साथ मिल जाती है, तो यह दूर के सपनों को साकार करने की ताकत बन जाती है। क्रिकेट की कुछ कहानियों ने यह साबित कर दिया है कि मज़बूत इरादे और लगन से असंभव को भी संभव किया जा सकता है।
क्रिकेट में संघर्ष और लड़ाई दो ज़रूरी हिस्से हैं, लेकिन कुछ खिलाड़ियों के लिए संघर्ष अलग तरह के साबित होते हैं। कुछ सितारों के लिए, यह 22 गज के मैदान में प्रवेश करने से पहले ही शुरू हो जाता है, क्योंकि जीवन कभी-कभी उन्हें झटकों और कठिनाइयों से भर देता है।
लेकिन हीरो का जन्म अक्सर तब होता है जब कोई उम्मीद नहीं होती। उत्तर प्रदेश के प्रशांत वीर इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण हैं कि कैसे कड़ी मेहनत एक युवा के जीवन में चमत्कार कर सकती है। IPL 2026 की मिनी नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा।
स्पिन गेंदबाज़, जो कभी स्टेडियम तक 14 किलोमीटर साइकिल चलाकर जाता था, अब 14.20 करोड़ रुपये का IPL अनुबंध हासिल कर चुका है। बड़े सपनों और अथक परिश्रम के बल पर उसने अपने जुनून को अथक रूप से आगे बढ़ाया। क्रिकेट ने उसकी इस लगन का फल उसे ऐसी दौलत के रूप में दिया जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
अगर सपना काफी बड़ा हो तो 14 किलोमीटर कोई मायने नहीं रखते
22 गज के दायरे में रोमांचक दौड़ हमेशा ही उत्साहवर्धक होती है, लेकिन सपनों को साकार करने के रोमांच की कोई तुलना नहीं। आशा की एक हल्की सी किरण भी घोर अंधकार को चीर सकती है। और इन सब के पीछे क्या प्रेरणा है? अथक परिश्रम, मज़बूत इरादा और कभी हार न मानने का जज़्बा।
उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय स्पिन ऑलराउंडर प्रशांत वीर इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि कड़ी मेहनत से बड़े से बड़े सपने भी पूरे किए जा सकते हैं। IPL 2026 की मिनी नीलामी से पहले क्रिकेट जगत में उनका नाम बिल्कुल अनजान था। लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स द्वारा रिकॉर्ड कीमत पर खरीदे जाने के बाद, अब यह युवा खिलाड़ी हर जगह छाया हुआ है।
जब उन्होंने यह उपलब्धि हासिल कर ली, तो पूरी दुनिया उनके कारनामे की प्रशंसा कर रही है, लेकिन कुछ ही लोग जानते हैं कि कैसे उन्होंने अपने मज़बूत इरादे से हर बाधा को पार किया। अमेठी के पास शाहजीपुर नामक एक छोटे से गाँव में एक स्कूल शिक्षक के बेटे प्रशांत वीर ने हज़ारों अन्य युवाओं की तरह ही क्रिकेट खेलना शुरू किया।
वीर के पिता परिवार चला रहे थे, लेकिन उनके लिए अपने बेटे के क्रिकेट के सपने को साकार करने में मदद करना मुश्किल था। जब उम्मीद लगभग खत्म होने लगी, तब उनके दादाजी ने आगे बढ़कर उस सपने का बोझ अपने कंधों पर उठा लिया। तमाम मुश्किलों के बावजूद, प्रशांत ने साबित कर दिया कि जब मेहनत रंग लाती है, तो हर संघर्ष दूर हो जाता है।
प्रशांत का क्रिकेट का सपना भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में साकार होने लगा, लेकिन इसके साथ ही कई परेशानियां भी जुड़ी थीं। स्टेडियम उसके घर से 14 किलोमीटर दूर था। बारिश हो या धूप, हर मौसम में, यह युवा खिलाड़ी अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करता रहा, जो कभी रुकने का नाम नहीं लेता था।
प्रशांत ने हर अभ्यास सत्र में अपना दिलो-जान लगा दिया, जिससे उनके साथी खिलाड़ी उनकी अथक मेहनत से दंग रह गए। उन्होंने खेल को अपना सब कुछ दे दिया, और अब खेल की बारी थी कि वह इस युवा खिलाड़ी को इसका प्रतिफल दे।
वही 14 अंक वापस आते हैं, लेकिन किस्मत इनाम को बेहतर बना देती है
क्रिकेट का खेल कभी-कभी दर्दनाक कहानियाँ गढ़ सकता है, लेकिन यह हमेशा मेहनती खिलाड़ी को इनाम देता है। प्रशांत वीर ने हर मुश्किल का सामना किया, हर बाधा को पार किया और अपने क्रिकेट के सपनों से बड़ी कोई बाधा नहीं बनने दी। उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा से घरेलू क्रिकेट जगत को रोशन किया।
IPL 2026 की मिनी नीलामी के बड़े मंच पर आखिरकार सालों की मेहनत रंग लाई। नीलामी में शामिल होना ही उनके लिए एक सपना था, लेकिन असली मोड़ तो बाद में आया। नीलामी में उनका नाम 30 लाख रुपये की शुरुआती कीमत के साथ आया और बोली लगातार बढ़ती ही गई।
पांच बार की IPL चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए 14.20 करोड़ रुपये का सौदा किया। 14 किलोमीटर साइकिल चलाकर ट्रेनिंग करने से लेकर 14 करोड़ रुपये के IPL अनुबंध तक, इस युवा खिलाड़ी की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। किस्मत ने दस्तक ही नहीं दी, बल्कि दरवाज़ा खटखटाया।
एक नया नाम, CSK के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद
पिछले कुछ सालों में चेन्नई सुपर किंग्स ने अनुभवी खिलाड़ियों पर ध्यान केंद्रित किया है, लेकिन आगामी IPL 2026 थोड़ा अलग होने वाला है। नीलामी में उन्होंने कुछ युवा खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा है, जिनका लक्ष्य उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना है। रवींद्र जडेजा को टीम से बाहर किए जाने के बाद, येलो ब्रिगेड को एक बेहतरीन विकल्प की ज़रूरत है।
इस युवा ऑलराउंडर के खेल में जडेजा की झलक साफ दिखती है। बाएं हाथ से धीमी गति से गेंदबाज़ी करने वाले और बाएं हाथ से बल्लेबाज़ी करने में माहिर इस खिलाड़ी में वो सभी गुण मौजूद हैं जो उसे एक ख़ास खिलाड़ी बना सकते हैं। सही मार्गदर्शन और सलाह मिलने पर फ्रेंचाइज़ उसे अगला जडेजा बना सकती है और भारतीय क्रिकेट को अपना अगला ऑलराउंड सुपरस्टार मिल सकता है।
धूल भरे ग्रामीण मैदानों से लेकर चकाचौंध भरी रोशनी तक, प्रशांत का सफर किसी क्रिकेट की कहानी से कम नहीं है। एक पिता का सपना, एक माँ की शुभकामनाएँ और एक उभरते क्रिकेटर का अटूट जज्बा आखिरकार साकार हो रहा है। स्टेडियम तक 14 किलोमीटर साइकिल चलाने से लेकर 14 करोड़ से अधिक के सौदे को हासिल करने तक, परिस्थितियों ने भले ही उनकी कठिन परीक्षा ली हो, लेकिन अंततः उन्हें सबसे बड़ा इनाम भी दिया।


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