भारत ने पाकिस्तान का T20I रिकॉर्ड तोड़ा; रायपुर में न्यूज़ीलैंड को हराने के लिए 209 रनों का तेज़ पीछा किया
भारत ने पाकिस्तान का रिकॉर्ड तोड़ा [स्रोत: एएफपी]
भारत ने शुक्रवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए दूसरे T20 अंतरराष्ट्रीय मैच में न्यूज़ीलैंड को 7 विकेट से हराकर अपना दबदबा बरक़रार रखा।
इस शानदार जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है। भारत ने न सिर्फ आसानी से बड़े लक्ष्य का पीछा किया, बल्कि पाकिस्तान द्वारा बनाए गए विश्व रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया, जिससे यह जीत और भी ख़ास हो गई है।
भारत ने T20I में सबसे तेज़ 200+ रनों का पीछा करते हुए इतिहास रचा
न्यूज़ीलैंड ने 6 विकेट के नुकसान पर 208 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया और भारत को 209 रनों का लक्ष्य दिया। हालांकि, कागजों पर जो लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल लग रहा था, वह मैदान पर एक ऐतिहासिक पल में बदल गया। भारत ने मात्र 15.2 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया जहां 28 गेंदें बाकी थीं।
इसके चलते, भारत T20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में 200+ रनों का लक्ष्य हासिल करने वाली सबसे तेज़ टीम बन गई। उन्होंने पाकिस्तान का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया, जहां पाकिस्तान ने 2025 में 24 गेंद बाकी रहते 205 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत अब T20I मैचों में चार ओवर से ज़्यादा बाकी रहते हुए 200+ रनों का पीछा करने वाली पहली टीम बन गई है।
T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 200+ रनों का पीछा करने वाली सबसे तेज़ टीमें:
| टीम | बनाम | लक्ष्य | बाकी गेंदें | साल |
| भारत | न्यूज़ीलैंड | 209 | 28 | 2026 |
| पाकिस्तान | न्यूज़ीलैंड | 205 | 24 | 2025 |
| ऑस्ट्रेलिया | वेस्टइंडीज़ | 215 | 23 | 2025 |
| दक्षिण अफ़्रीका | वेस्टइंडीज़ | 206 | 14 | 2007 |
ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव ने मोर्चा संभाला
भारत की शानदार जीत में ईशान किशन और कप्तान सूर्यकुमार यादव की दमदार बल्लेबाज़ी का अहम योगदान रहा। दो साल से ज़्यादा समय बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले किशन ने आते ही अपना प्रभाव दिखाया। उन्होंने मात्र 32 गेंदों में 76 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 4 छक्के शामिल थे। पहली ही गेंद से किशन ने निडर होकर न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया।
इसी बीच, सूर्यकुमार यादव ने लंबे समय के खराब दौर के बाद आखिरकार अपनी लय हासिल कर ली। उन्होंने कप्तान की तरह खेलते हुए 37 गेंदों में 82 रन नाबाद बनाए, जो 23 पारियों के बाद उनका पहला अर्धशतक था। दोनों ने मिलकर मैच का रुख़ पूरी तरह से भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
हालांकि भारत ने पहले दो ओवरों के भीतर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के विकेट गंवा दिए, लेकिन टीम घबराई नहीं। इसके बजाय, किशन के आक्रामक जवाबी हमले ने मैच का रुख़ तेज़ी से बदल दिया।
बाद में, शिवम दुबे ने 18 गेंदों पर 36 रन बनाकर नाबाद रहते हुए सूर्यकुमार का अच्छा साथ दिया और दोनों ने मिलकर मैच को आसानी से खत्म कर दिया।
न्यूज़ीलैंड की गेंदबाज़ी और कप्तानी संबंधी फैसले भी भारत के आक्रामक रवैये को रोकने में नाकाम रहे, जिससे मेज़बान टीम को आसानी से जीत हासिल करने का मौक़ा मिल गया।
न्यूज़ीलैंड का बल्ले के साथ प्रयास
मैच में न्यूज़ीलैंड ने शानदार शुरुआत की। डेवोन कॉनवे और टिम सीफर्ट ने शुरुआती आक्रमण किया, जिसके बाद रचिन रविंद्र (44) और कप्तान मिशेल सैंटनर (47 नाबाद) ने भी ठोस योगदान दिया। एक समय तो न्यूज़ीलैंड बड़े स्कोर की ओर बढ़ता दिख रहा था।
हालांकि, भारत ने बीच के ओवरों में शानदार वापसी की। कुलदीप यादव ने अहम विकेट लिए, वहीं शिवम दुबे ने शानदार फॉर्म में चल रहे डैरिल मिशेल को आउट करके रन रेट को धीमा किया।
ग़ौरतलब है कि 209 रनों का यह पीछा अब T20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में भारत का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ है, जो 2023 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ किए गए उनके प्रयास के बराबर है। इसके अलावा, भारत ने अब तक 6 बार 200+ रनों का सफल पीछा पूरा किया है, जो T20I में किसी भी टीम द्वारा दूसरा सबसे अधिक है।




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