आकिब नबी ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाते हुए जम्मू कश्मीर को पहले रणजी ट्रॉफी खिताब के बेहद करीब पहुंचाया
आकिब नबी [स्रोत: X.com]
जम्मू और कश्मीर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने के बेहद करीब हैं। यह रोमांचक फ़ाइनल मैच हुबली स्थित KSCA हुबली क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है, जहां उनका मुकाबला कर्नाटक से है। जम्मू और कश्मीर की मजबूत स्थिति का मुख्य कारण उनके तेज गेंदबाज़ आकिब नबी हैं, जो पूरे मैच में शानदार गेंदबाज़ी कर रहे हैं।
रणजी ट्रॉफी में आकिब नबी का शानदार प्रदर्शन
गौरतलब है कि रणजी ट्रॉफी सीज़न के दौरान आकिब नबी शानदार फॉर्म में रहे हैं। दरअसल, वह अब तक 60 विकेट ले चुके हैं, जो दर्शाता है कि वह विरोधी टीमों के लिए कितने सुसंगत और खतरनाक खिलाड़ी साबित हुए हैं।
इसके अलावा, इस महत्वपूर्ण फ़ाइनल में उन्होंने एक बार फिर तब शानदार प्रदर्शन किया जब उनकी टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। इस मैच में उन्होंने इस सीज़न में सातवीं बार एक ही पारी में पांच विकेट लिए। यह उल्लेखनीय उपलब्धि गेंद से उनके दबदबे को साबित करती है। उनके शानदार स्पेल के परिणामस्वरूप कर्नाटक की टीम 293 रनों पर ऑल आउट हो गई।
खास बात यह है कि उन्होंने केएल राहुल को महज 13 रन पर आउट करके विकेट लेने की शुरुआत की। इसके तुरंत बाद उन्होंने करुण नायर को नौ गेंदों पर शून्य पर पवेलियन भेज दिया।
आश्चर्यजनक रूप से, अगली ही गेंद पर उन्होंने स्मरण रविचंद्रन को भी शून्य पर आउट कर दिया, इस तरह उन्होंने एक ही ओवर में दो विकेट ले लिए। इस अचानक हुए विकेटों के पतन ने कर्नाटक पर भारी दबाव बना दिया।
बाद में उन्होंने शिखर शेट्टी को भी शून्य पर आउट कर दिया। वहीं, मयंक अग्रवाल ने कर्नाटक की पारी को संभालने की पूरी कोशिश की। उन्होंने 160 रनों की जुझारू पारी खेली और क्रीज पर मजबूती से टिके रहे। हालांकि, आखिरकार आकिब नबी ने उन्हें भी आउट कर दिया, जिससे कर्नाटक की कमर टूट गई।
उनकी असाधारण गेंदबाज़ी के बदौलत जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक को 293 रनों पर ऑल आउट कर दिया और पहली पारी में 291 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली।
इसके अलावा, पांच विकेट लेने के साथ ही आकिब नबी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। उन्होंने उत्तराखंड के मयंक मिश्रा को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 59 विकेट लिए थे, जबकि नबी ने 60 विकेट पूरे कर लिए।
जम्मू और कश्मीर के बल्लेबाज़ों का दमदार प्रदर्शन
खास बात यह है कि प्रसिद्ध कृष्णा ने आबिद मुश्ताक को 28 रन पर आउट करके पहली सफलता दिलाई। इसके बाद विजयकुमार वैशाक ने 72 रनों की धैर्यपूर्ण और महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले साहिल लोत्रा को पवेलियन भेजा। अंततः, पारी 584 रनों पर समाप्त हुई, लेकिन तब तक जम्मू और कश्मीर एक मजबूत स्कोर खड़ा कर चुका था।
जम्मू और कश्मीर इतिहास की ओर
अपनी दमदार बल्लेबाज़ी और शानदार गेंदबाज़ी के दम पर जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, उन्होंने फॉलो-ऑन लागू न करने का फैसला किया। इसके बजाय, उन्होंने दोबारा बल्लेबाज़ी करने का विकल्प चुना और अपनी बढ़त को और बढ़ाया।





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