VIDEO - रणजी ट्रॉफी फाइनल में केएल राहुल ने गेंदबाज़ बनकर गौतम गंभीर को किया प्रभावित


केएल राहुल [X.com]केएल राहुल [X.com]

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फ़ाइनल के दौरान एक चौंकाने वाले क्षण में, भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ केएल राहुल को गेंदबाज़ी करते हुए देखा गया, जो कि प्रशंसकों को शायद ही कभी देखने को मिलता है।

यह मैच हुबली के KSCA हुबली क्रिकेट ग्राउंड में कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच खेला गया। राहुल गांधी अपनी शानदार बल्लेबाज़ी के लिए जाने जाते हैं, इसलिए आखिरी दिन गेंदबाज़ी करने के उनके फैसले ने सबका ध्यान आकर्षित किया।

देवदत्त पडिक्कल ने केएल राहुल को गेंदबाज़ी दी

पांचवें दिन तक जम्मू और कश्मीर फ़ाइनल पर पूरी तरह से हावी हो चुका था। वे आत्मविश्वास से बल्लेबाज़ी कर रहे थे और 540 से अधिक रनों की विशाल बढ़त बना चुके थे। वहीं दूसरी ओर, कर्नाटक के गेंदबाज़ बुरी तरह संघर्ष कर रहे थे और बेबस नजर आ रहे थे।

इसलिए, बहुत कम विकल्प बचे होने के कारण, कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल ने कुछ अलग करने का फैसला किया। उन्होंने 81वें ओवर में गेंद केएल राहुल को सौंपी, यह देखने के लिए कि क्या वह कोई निर्णायक विकेट ले सकते हैं।

गौरतलब है कि केएल राहुल ने 10 साल से अधिक समय बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में गेंदबाज़ी की। जैसे ही उन्होंने रन-अप लेना शुरू किया, दर्शक जोरदार जयकारे लगाने लगे, जाहिर तौर पर इस अनोखे दृश्य का आनंद ले रहे थे। हालांकि कर्नाटक के लिए मैच की स्थिति पहले से ही काफी कठिन थी, लेकिन इस पल ने प्रशंसकों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया।

क्या इससे भारत के लिए एक और विकल्प खुल सकता है?

दिलचस्प बात यह है कि राहुल के छोटे से गेंदबाज़ी स्पेल ने भी चर्चा का विषय खड़ा कर दिया। चूंकि भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर बहुमुखी प्रतिभा वाले खिलाड़ियों को महत्व देते हैं, इसलिए केएल राहुल का अंशकालिक स्पिन गेंदबाज़ी करना भविष्य में एक अतिरिक्त रणनीतिक विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि राहुल के नियमित गेंदबाज बनने की संभावना कम है, लेकिन कभी-कभी स्पिन गेंदबाज़ी का एक और विकल्प होने से मुश्किल परिस्थितियों में मदद मिल सकती है।

उनकी गेंदबाज़ी ने सुर्खियां बटोरीं, वहीं टूर्नामेंट में राहुल की बल्लेबाजी भी शानदार रही। उन्होंने सात पारियों में 78.33 के प्रभावशाली औसत से 470 रन बनाए। इस लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के कारण वे पूरे सीजन में कर्नाटक के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक बने रहे।

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