ख़तरे में राशिद ख़ान एंड कंपनी? इस बड़ी वजह के चलते ICC से की गई अफ़ग़ान टीम को बैन करने की मांग


अफ़ग़ानिस्तान महिला क्रिकेट और राशिद खान [स्रोत: @CricCrazyJohns/X.com] अफ़ग़ानिस्तान महिला क्रिकेट और राशिद खान [स्रोत: @CricCrazyJohns/X.com]

हाल ही में ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह अफ़ग़ानिस्तान के क्रिकेट बोर्ड को तब तक के लिए निलंबित कर दे जब तक कि तालिबान शासन खेल और शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी पर प्रतिबंध को वापस नहीं ले लेता। ICC के चेयरमैन जय शाह को संबोधित एक पत्र में, वैश्विक अधिकार निकाय ने महिलाओं के ख़िलाफ़ तालिबान के भेदभाव को ओलंपिक चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय खेल सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन बताया।

अफ़ग़ानिस्तान की ICC सदस्यता निलंबन की मांग

दुबई में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 के फाइनल से पहले 7 मार्च को HRW द्वारा भेजे गए पत्र में अफ़ग़ानिस्तान के निलंबन के संबंध में तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया गया था।

"हम ICC से गुज़ारिश करते हैं कि वह तालिबान द्वारा संचालित अफ़ग़ानिस्तान को ICC की सदस्यता से और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भाग लेने से तब तक निलंबित कर दे, जब तक कि महिलाएं और लड़कियां एक बार फिर शिक्षा और में भाग नहीं ले सकतीं... ICC को व्यापार और मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुरूप मानवाधिकार नीति लागू करनी चाहिए।"

HRW ने इस बात पर ज़ोर दिया कि तालिबान द्वारा महिलाओं के खेलों पर प्रतिबंध लगाना ओलंपिक चार्टर के उलट है, विशेष रूप से 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने के मामले में।

HRW की ग्लोबल इनिशिएटिव्स की निदेशक मिंकी वर्डेन ने कहा, "खेल में महिलाओं पर तालिबान का प्रतिबंध ओलंपिक चार्टर की इस गारंटी का उल्लंघन करता है कि 'खेल का अभ्यास एक मानव अधिकार है।' ICC जैसे अंतर्राष्ट्रीय महासंघों को समानता और गैर-भेदभाव को लागू करना चाहिए।"

HRW ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) द्वारा 2003 में अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के शासन के दौरान महिलाओं को खेलों से प्रतिबंधित करने के फैसले का हवाला दिया। पत्र में ICC के लिए भी इसी तरह की जवाबदेही पर ज़ोर दिया गया है।

"अफ़ग़ानिस्तान की पुरुष और महिला टीमों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार- जहां पुरुषों को धन और रसद मिलती है, जबकि महिलाओं को हटा दिया जाता है - ICC के भेदभाव-विरोधी नियमों और ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन है।"

निर्वासित खिलाड़ी और ICC की रुकी हुई प्रतिक्रिया

बताते चलें कि 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफ़ग़ान महिला क्रिकेटरों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें से कई ऑस्ट्रेलिया भाग गई हैं। बार-बार अपील के बावजूद, ICC ने अभी तक निर्णायक कार्रवाई नहीं की है।

शाह ने हाल ही में BBC से कहा, "हम अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के ज़रिए क्रिकेट के विकास को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, साथ ही निर्वासित खिलाड़ियों सहित महिला क्रिकेट की चुनौतियों का समाधान भी कर रहे हैं। ICC संचार की समीक्षा कर रहा है और अपने कानूनी ढ़ांचे के भीतर समाधान तलाश रहा है।"

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भी पहले जवाबदेही की मांग की थी और परिषद से तालिबान की भेदभावपूर्ण नीतियों पर ध्यान देने का आग्रह किया था।

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Mohammed Afzal

Mohammed Afzal

Updated: Mar 10 2025, 11:14 AM | 3 Min Read
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