भारत की 2027 विश्व कप टीम को लेकर बड़ी ख़बर; गंभीर और अगरकर की जोड़ी लेगी कड़ा फैसला


भारत के लिए गौतम गंभीर, अजीत अगरकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा। चित्र साभार: एएफपी भारत के लिए गौतम गंभीर, अजीत अगरकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा। चित्र साभार: एएफपी

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) शुरू हो चुकी है और इस बीच गौतम गंभीर और अजीत अगरकर की अगुवाई में भारतीय टीम प्रबंधन पर्दे के पीछे कड़ी मेहनत कर रहा है। मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता की यह जोड़ी 2027 विश्व कप के लिए योजना बनाने में जी-तोड़ मेहनत कर रही है।

भारतीय टीम में काफी समय से खिलाड़ियों का एक स्थिर समूह रहा है, जिसने उन्हें वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल तक पहुंचने और अंततः चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 जीतने में सक्षम बनाया है।

इससे पहले ख़बरें आई थीं कि BCCI वनडे फॉर्मेट में मुख्य खिलाड़ियों में फेरबदल करने को लेकर अड़ा हुआ है। गंभीर और अगरकर विकेटकीपिंग के विकल्पों को आज़मा सकते हैं।

क्या ऋषभ पंत के वनडे करियर का अंत हो गया?

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, गौतम गंभीर और अजीत अगरकर के नेतृत्व वाला प्रबंधन IPL 2026 में ऋषभ पंत के प्रदर्शन से बिल्कुल भी खुश नहीं है।

ख़बरों के मुताबिक़, टीम प्रबंधन ने आगामी वनडे विश्व कप के लिए पंत के वनडे विकेटकीपर विकल्प को दरकिनार कर दिया है और अब केएल राहुल के बाद बैक-अप विकेटकीपर के तौर पर संजू सैमसन पर विचार कर रहा है।

टेस्ट क्रिकेट में मैच-विनर रहे पंत का सफेद गेंद वाले फॉर्मेट में प्रदर्शन भी कुछ ख़ास ख़राब नहीं रहा है। हालांकि, उन्हें 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था। भारत ने आसानी से टूर्नामेंट जीत लिया, जिसके चलते बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ को ICC टूर्नामेंट में खेलने का मौक़ा नहीं मिला। वहीं, 2026 T20 विश्व कप में पंत की जगह बल्लेबाज़ी करने वाले संजू सैमसन टूर्नामेंट के हीरो बनकर उभरे और उन्होंने लगातार तीन मैचों में भारत को जीत दिलाते हुए घरेलू मैदान पर ख़िताब अपने नाम किया। नतीजतन, 31 वर्षीय सैमसन को सिर्फ पांच मैचों में 321 रन बनाने के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। 

आंकड़ों के मद्देनज़र पंत और सैमसन का प्रदर्शन

आंकड़ों के हिसाब से देखें तो, वनडे में ऋषभ पंत और संजू सैमसन के बीच बहुत कम अंतर है, क्योंकि दोनों को इस फॉर्मेट में पर्याप्त मौक़े नहीं मिले हैं। हालांकि, 28 वर्षीय विकेटकीपर, जिन्हें कभी विलक्षण प्रतिभा कहा जाता था, ने 32 वनडे मैच खेले हैं और 33.50 के औसत और 106.21 के स्ट्राइक रेट से 871 रन बनाए हैं। दूसरी ओर, सैमसन ने 2015 से क्रिकेट जगत में सक्रिय होने के बावजूद केवल 16 वनडे मैच खेले हैं। अपने संक्षिप्त वनडे करियर में उन्होंने 56.66 के औसत और 99.60 के स्ट्राइक रेट से 510 रन बनाए हैं। इसके अलावा, सैमसन ने एक शतक और तीन अर्धशतक भी जड़े हैं। वहीं पंत ने सैमसन के बराबर शतक बनाए हैं, लेकिन उनके अर्धशतकों की संख्या सैमसन से दो अधिक है। हालांकि, LSG के कप्तान का IPL 2026 में बल्ले से प्रदर्शन ख़राब रहा है, उन्होंने आठ पारियों में 128.85 के कम स्ट्राइक रेट से केवल 189 रन बनाए हैं। इसके विपरीत, CSK के विकेटकीपर ने उतनी ही पारियों में 304 रन बनाए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 170 के क़रीब है और इसमें दो शतक शामिल हैं।

वनडे में टीम इंडिया को क्या चाहिए? 

जैसा कि पहले बताया गया था, BCCI 2027 विश्व कप के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को प्राथमिकता देना चाहता है, जिसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम के प्रमुख गेंदबाज़ हैं। इसका मतलब है कि वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों को T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में मौक़ा मिल सकता है। हालांकि, भारतीय प्रबंधन बुमराह को विश्व कप तक बचाकर रख सकता है, और युवा तेज़ गेंदबाज़ों को IPL 2026 में उनके प्रदर्शन के आधार पर वनडे में मौक़ा मिल सकता है। टीम इंडिया को अभी भी छठे या सातवें नंबर के बल्लेबाज़ की ज़रूरत है, जो पारी को कुशलतापूर्वक समाप्त कर सके। ऋषभ पंत और संजू सैमसन दोनों ही सही प्रशिक्षण मिलने पर यह भूमिका निभा सकते हैं।

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