BCCI अधिकारी ने रियान पराग के वेप वीडियो पर जारी किया बयान, लिया जा सकता है एक्शन
रियान पराग (X/AFP)
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आखिरकार रियान पराग से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। इस विवाद में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्हें ड्रेसिंग रूम के अंदर वेपिंग करते हुए दिखाया गया था। यह घटना 28 अप्रैल को मुल्लनपुर में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच हुए IPL 2026 मैच के दौरान घटी थी।
विवाद तब शुरू हुआ जब प्रसारण कैमरों ने राजस्थान की पारी के 16वें ओवर के दौरान रियान पराग को ड्रेसिंग रूम में अपने साथी खिलाड़ियों ध्रुव जुरेल और यशस्वी जयसवाल के साथ बैठे हुए कैद कर लिया।
वीडियो में उन्हें बर्खास्तगी के तुरंत बाद वेप डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और प्रशंसकों की आलोचना का सामना करना पड़ा।
BCCI ने रियान पराग घटना पर चुप्पी तोड़ी
खबरों के मुताबिक, BCCI के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि रियान पराग से उनके कार्यों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। BCCI के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम इस मामले पर रियान से स्पष्टीकरण मांगेंगे, क्योंकि वेपिंग की अनुमति नहीं है। उनके स्पष्टीकरण के आधार पर IPL आगे की कार्रवाई करेगा।”
BCCI के दिशानिर्देशों के अनुसार, IPL स्टेडियम के अंदर निर्धारित क्षेत्रों को छोड़कर धूम्रपान और ई-सिगरेट का उपयोग सख्त वर्जित है। क्रिकेट नियमों के अलावा, भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के तहत ई-सिगरेट पर भी कड़ा प्रतिबंध है।
अभी तक किसी सजा की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मामले की आंतरिक समीक्षा चल रही है। अंतिम निर्णय रियान पराग के स्पष्टीकरण और BCCI की जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
IPL 2026 में RR का अंतहीन विवाद
यह बताना जरूरी है कि यह दूसरी बार है जब राजस्थान रॉयल्स विवाद में आया है। इससे पहले टीम के मैनेजर रोमी भिंडर पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया था और डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के कारण उन्हें चेतावनी भी दी गई थी, जो लीग प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
विवाद तब शुरू हुआ जब रोमी भिंडर मैच के दौरान डगआउट में बैठे हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए नजर आए। BCCI के नियमों के अनुसार, डगआउट जैसे कुछ क्षेत्रों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल सख्त रूप से प्रतिबंधित है।
चिंता बढ़ाने वाली बात यह रही कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी भिंडर के पास बैठे थे और फोन की स्क्रीन देखते हुए नजर आए।
इस मामले को एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने उठाया, जो क्रिकेट में निष्पक्षता बनाए रखने और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए गतिविधियों की निगरानी करती है। ACSU ने भिंडर को शो-कॉज नोटिस जारी किया और 48 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा।
भिंडर ने तय समय सीमा के भीतर जवाब दिया और अपने स्पष्टीकरण के साथ मेडिकल रिकॉर्ड भी जमा किए।
मामले की समीक्षा के बाद ACSU ने भिंडर पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया और इसे पहली गलती मानते हुए औपचारिक चेतावनी जारी की। एक रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि इस फैसले की जानकारी राजस्थान रॉयल्स को आधिकारिक रूप से दे दी गई है।



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