रणजी ट्रॉफी 2024-25 दूसरा सेमीफ़ाइनल, विदर्भ बनाम मुंबई मैच के लिए विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम की पिच रिपोर्ट
विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन की स्टेडियम पिच रिपोर्ट [Source: @Abhijitsing4U/x.com]
रणजी ट्रॉफी 2024-25 का दूसरा सेमीफ़ाइनल रोमांचक मुक़ाबला देखने को मिलने वाला है, जिसमें विदर्भ का मुक़ाबला गत चैंपियन मुंबई से सोमवार, 17 फरवरी से नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में होगा। दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रही हैं और फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
विदर्भ
विदर्भ इस सीज़न में सबसे ज़्यादा मैच जीतने वाली टीम रही है। ग्रुप बी में छह जीत और एक ड्रॉ के साथ दबदबा बनाते हुए, उन्होंने अपनी लय के साथ नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। क़्वार्टर फ़ाइनल में, उन्होंने तमिलनाडु को 198 रनों के बड़े अंतर से हराकर एक शानदार प्रदर्शन किया।
क़्वार्टर फ़ाइनल में उनका प्रदर्शन उनकी ऑलराउंड ताकत का सबूत था। हर्ष दुबे ने तमिलनाडु के बल्लेबाज़ों के इर्द-गिर्द जाल बिछा दिया, जबकि वाईवी राठौड़ की भरोसेमंद बल्लेबाज़ी फिर से महत्वपूर्ण साबित हुई। अब, वे खिताबी मुक़ाबले से बस एक कदम दूर हैं और शानदार अंदाज में जीत दर्ज करना चाहेंगे।
मुंबई
दूसरी ओर, मुंबई ने यह दिखाना जारी रखा है कि उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक क्यों माना जाता है। गत चैंपियन ने क़्वार्टर फ़ाइनल में हरियाणा पर 152 रनों की आसान जीत के साथ सेमीफ़ाइनल में प्रवेश किया।
मुंबई की बल्लेबाज़ी लाइनअप विपक्षी गेंदबाज़ों के लिए एक बुरा सपना है, जिसमें अजिंक्य रहाणे, सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे और शार्दुल ठाकुर जैसे सिद्ध मैच विजेता खिलाड़ी हैं जो किसी भी समय खेल को पलटने के लिए तैयार हैं।
रणजी ट्रॉफी में विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम के आँकड़े और रिकॉर्ड
जानकारी | डेटा |
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खेले गए मैच | 11 |
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए जीते गए मैच | 8 |
पहले गेंदबाज़ी करते हुए जीते गए मैच | 3 |
पहली पारी का औसत स्कोर | 258 |
दूसरी पारी का औसत स्कोर | 290 |
तीसरी पारी का औसत स्कोर | 259 |
चौथी पारी का औसत स्कोर | 170 |
विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम नागपुर: बल्लेबाज़ी या गेंदबाज़ी किसके लिए अनुकूल है पिच?
विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम की पिच बल्ले और गेंद के बीच संतुलित मुक़ाबला पेश करती है, लेकिन इसमें कुछ खामियाँ भी हैं। पहले दो दिन आम तौर पर बेहतरीन बल्लेबाज़ी की स्थिति प्रदान करते हैं, जिसमें लगातार उछाल होता है, जिससे बल्लेबाज़ आत्मविश्वास के साथ अपने शॉट खेल पाते हैं। हालाँकि, मैच आगे बढ़ने के साथ ही पिच की असली प्रकृति का पता चलता है। तीसरे दिन तक, पिच घिसने लगती है और स्पिनरों को खेल में बहुत अधिक मदद मिलती है।
चौथे और पांचवें दिन तक पिच पर दरारें चौड़ी हो जाती हैं, जिससे उतार-चढ़ाव और तेज टर्न होता है, जिससे बल्लेबाज़ों के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। स्पिनर खुरदुरे पैच का प्रभावी ढंग से फायदा उठा सकते हैं, जबकि तेज़ गेंदबाज़ों को रिवर्स स्विंग से कुछ मदद मिल सकती है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 258 है, जो दर्शाता है कि टीमें पहले बल्लेबाज़ी करना चाहेंगी और शुरुआती बढ़त का अधिकतम लाभ उठाना चाहेंगी। टॉस जीतने वाला कप्तान खेल की शुरुआत में बेहतर बल्लेबाज़ी परिस्थितियों का फायदा उठाने और मुश्किल चौथी पारी से बचने के लिए पहले बल्लेबाज़ी करना पसंद करेगा।
विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम नागपुर में इन खिलाड़ियों पर रहेगी सबकी नज़रें
हर्ष दुबे
- विदर्भ के स्पिनर हर्ष दुबे इस सीज़न में कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं। 16 पारियों में 59 विकेट लेकर वह सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में सबसे आगे हैं। स्पिन के अनुकूल सतहों पर टर्न और बाउंस हासिल करने की दुबे की क्षमता विपक्षी बल्लेबाज़ों के लिए एक बुरा सपना बन जाती है।
शम्स मुलानी
- मुंबई के शम्स मुलानी बल्ले और गेंद दोनों से ही एक मूल्यवान खिलाड़ी रहे हैं। 36 विकेट अपने नाम करने वाले मुलानी मुंबई के लिए ऐसे गेंदबाज़ रहे हैं, जब उन्हें सफलता की जरूरत होती है तब दिला देते हैं। उनकी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज़ी मध्य ओवरों में नियंत्रण रखने में कारगर रही है और उन्हें महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेने की आदत है।
- मुलानी सिर्फ़ गेंदबाज़ी ही नहीं करते, वे एक बेहतरीन बल्लेबाज़ भी हैं। सीज़न की शुरुआत में मेघालय के ख़िलाफ़ उनके नाबाद 100 रन ने दिखाया कि वे मुश्किल परिस्थितियों से अपनी टीम को बाहर निकालने में कितने सक्षम हैं। इस कारण उन पर कड़ी नज़र रहेगी।
यश राठौड़
- विदर्भ की बल्लेबाज़ी इकाई के लिए यश राठौड़ ताकत का स्तंभ रहे हैं। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने इस सीज़न में 14 पारियों में 52.00 की शानदार औसत से 728 रन बनाए हैं। राठौड़ की लंबी पारी खेलने और अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की क्षमता उन्हें विदर्भ की बल्लेबाज़ी लाइनअप की रीढ़ बनाती है।
- इस सीज़न में उनके चार शतक अक्सर दबाव की स्थिति में आए हैं, जिससे यह साबित होता है कि वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो तब बेहतर प्रदर्शन करते हैं जब दांव ऊंचे हों। मुंबई के शानदार गेंदबाज़ी आक्रमण के ख़िलाफ़, विदर्भ की सफलता के लिए शीर्ष पर राठौड़ का योगदान महत्वपूर्ण होगा।